दुल्ला भट्टी कौन था? और इतिहास

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👤 दुल्ला भट्टी कौन था?

दुल्ला भट्टी 16वीं शताब्दी में पंजाब का एक प्रसिद्ध लोकनायक था। उसका असली नाम
राय अब्दुल्ला खान भट्टी माना जाता है।
वह मुग़ल सम्राट अकबर के समय (लगभग 1550–1600 ई.) में रहा।

दुल्ला भट्टी को लोग “पंजाब का रॉबिन हुड” कहते हैं क्योंकि—

  • वह अमीर ज़मींदारों और मुग़ल अधिकारियों के अत्याचारों के खिलाफ खड़ा हुआ
  • गरीबों, किसानों और बेटियों की रक्षा करता था
  • लूटे गए धन को गरीबों में बाँट देता था

👧 सुंदर–मुंदर की कहानी

लोककथाओं के अनुसार दुल्ला भट्टी ने
सुंदरी और मुंदरी नाम की दो गरीब लड़कियों को अत्याचार से बचाया और
उन्हें अपनी बेटियों की तरह सम्मान से शादी करवाई
इसी वजह से लोहड़ी के गीतों में आज भी उसका नाम गाया जाता है—

“सुंदर मुंदरिये हो!
तेरा कौन विचारा हो?
दुल्ला भट्टी वाला हो!”


⚔️ दुल्ला भट्टी की मौत की इतिहास

दुल्ला भट्टी ने मुग़ल शासन के खिलाफ विद्रोह किया था।
वह अकबर की सत्ता को स्वीकार नहीं करता था और कर (Tax) देने से इनकार करता था।

📌 मृत्यु का कारण:

  • मुग़ल सेना ने उसे पकड़ लिया
  • उसे लाहौर ले जाया गया
  • वहाँ उसे फाँसी दे दी गई

📅 माना जाता है कि उसकी मृत्यु लगभग 1599 ई. के आसपास हुई।


🌾 क्यों अमर हो गया दुल्ला भट्टी?

हालाँकि मुग़लों ने उसे मार दिया, लेकिन—

  • वह लोगों के दिलों में ज़िंदा रहा
  • उसकी बहादुरी, इंसाफ और मानवता की कहानी लोकगीतों में अमर हो गई
  • लोहड़ी के त्योहार पर उसका नाम आज भी सम्मान से लिया जाता है

🌟 निष्कर्ष

दुल्ला भट्टी सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि इंसाफ, साहस और मानवता की पहचान था।
इसलिए लोहड़ी सिर्फ फसल का नहीं, बल्कि
👉 दुल्ला भट्टी जैसे नायकों को याद करने का त्योहार भी है। 🔥🌾

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