
Savitribai Phule Jayanti हर साल 3 जनवरी को मनाई जाती है। यह दिन भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और नारी शिक्षा की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले को समर्पित है।
📜 संक्षिप्त इतिहास
- जन्म: 3 जनवरी 1831, नायगांव (महाराष्ट्र)
- पति: महात्मा ज्योतिराव फुले
- निधन: 10 मार्च 1897
सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में लड़कियों और दलितों की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब समाज में महिलाओं की पढ़ाई का कड़ा विरोध था।
1848 में, उन्होंने पुणे में भारत का पहला बालिका विद्यालय शुरू किया। समाज के तानों, अपमान और पथराव के बावजूद वे रोज़ स्कूल जाती रहीं—यह उनके साहस और समर्पण का प्रतीक है।
✊ समाज सुधार में योगदान
- महिला शिक्षा और समान अधिकारों की प्रबल समर्थक
- जाति-पांति और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष
- विधवा पुनर्विवाह और बाल विवाह विरोधी आंदोलन
- प्लेग महामारी (1897) में रोगियों की सेवा करते हुए बलिदान
🌼 महत्व
Savitribai Phule Jayanti हमें शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों की याद दिलाती है। उनका जीवन आज भी महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा है।