Indian History Tribal Culture Khasi & Jaintia Culture Ancient Engineering Cultural Heritage Traditional Knowledge

दुल्ला भट्टी कौन था? और इतिहास

👤 दुल्ला भट्टी कौन था? दुल्ला भट्टी 16वीं शताब्दी में पंजाब का एक प्रसिद्ध लोकनायक था। उसका असली नामराय अब्दुल्ला खान भट्टी माना जाता है।वह मुग़ल सम्राट अकबर के समय (लगभग 1550–1600 ई.) में रहा। दुल्ला भट्टी को लोग “पंजाब का रॉबिन हुड” कहते हैं क्योंकि— 👧 सुंदर–मुंदर की कहानी लोककथाओं के अनुसार दुल्ला भट्टी […]

दुल्ला भट्टी कौन था? और इतिहास Read More »

लोहड़ी: पंजाब की लोककथा और कहानी

बहुत समय पहले की बात है, जब पंजाब की धरती पर दुल्ला भट्टी नाम का एक वीर और नेक दिल इंसान रहता था। उस दौर में अमीर ज़मींदार और मुग़ल अधिकारी गरीबों पर अत्याचार करते थे। दुल्ला भट्टी गरीबों का रक्षक था, इसलिए लोग उसे पंजाब का रॉबिन हुड भी कहते थे। 👧👦 दुल्ला भट्टी

लोहड़ी: पंजाब की लोककथा और कहानी Read More »

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है?

लोहड़ी उत्तर भारत, खासकर पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश का प्रमुख लोक-त्योहार है। यह हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है। इसे मनाने के पीछे कई कारण और मान्यताएँ हैं: 🌾 1. फसल की खुशी लोहड़ी रबी फसल (गेहूं) की अच्छी पैदावार की खुशी में मनाई जाती है। किसान भगवान का धन्यवाद करते हैं

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है? Read More »

Wolf Moon Supermoon

वुल्फ मून सुपरमून दो शब्दों से मिलकर बना है — वुल्फ मून और सुपरमून। इसका इतिहास प्राचीन सभ्यताओं और खगोलीय घटनाओं से जुड़ा हुआ है। 🐺 वुल्फ मून का इतिहास 🌕 सुपरमून का इतिहास 🌕 वुल्फ मून सुपरमून का महत्व 📜 अन्य प्रचलित नाम ✨ रोचक तथ्य

Wolf Moon Supermoon Read More »

धारी देवी और उत्तराखंड की आपदा (2009–2013)

उत्तराखंड की पावन धरती पर अलकनंदा नदी के बीच एक चट्टान पर विराजमान हैं मां धारी देवी। कहा जाता है कि जब तक देवी अपनी जगह पर रहती हैं, तब तक पूरा गढ़वाल सुरक्षित रहता है।लेकिन समय बदला… और प्रकृति ने अपना रौद्र रूप दिखाया। 🌧️ 2009 – पहली चेतावनी साल 2009…अलकनंदा नदी पर हाइड्रो

धारी देवी और उत्तराखंड की आपदा (2009–2013) Read More »

चौसठ योगिनी मंदिर का अलौकिक इतिहास

चौसठ योगिनी मंदिर भारत के सबसे रहस्यमय और अलौकिक शक्तियों से जुड़े प्राचीन मंदिरों में माने जाते हैं। ये मंदिर देवी शक्ति की 64 योगिनियों को समर्पित हैं, जिन्हें तांत्रिक साधना, सिद्धियों और गुप्त विद्याओं का स्रोत माना जाता है। 🔱 चौसठ योगिनियाँ कौन थीं? 🕉️ प्रमुख चौसठ योगिनी मंदिर भारत में आज भी कुछ

चौसठ योगिनी मंदिर का अलौकिक इतिहास Read More »

“चार साहिबज़ादे जी का इतिहास और अमर शहादत”

साहिबज़ादे सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के चार वीर पुत्र थे। इन्होंने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। सिख इतिहास में इन्हें चार साहिबज़ादे कहा जाता है। 🔱 चार साहिबज़ादों के नाम ⚔️ बड़े साहिबज़ादे (शहीदी – चमकौर साहिब) 🟠 साहिबज़ादा अजीत सिंह जी

“चार साहिबज़ादे जी का इतिहास और अमर शहादत” Read More »

महासू महाराज जी का इतिहास

महासू महाराज देवभूमि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के प्रमुख लोकदेवता माने जाते हैं। विशेष रूप से शिमला, सिरमौर, देहरादून और जौनसार-बावर क्षेत्र में उनकी गहरी आस्था है। महासू महाराज को न्याय, सत्य और धर्म का प्रतीक माना जाता है। 🔱 महासू महाराज का उद्गम लोकमान्यता के अनुसार महासू महाराज भगवान शिव के अंशावतार हैं। कहा

महासू महाराज जी का इतिहास Read More »

Vijay Diwas (India)

Vijay Diwas is celebrated every year on 16 December in India to commemorate the historic victory of the Indian Armed Forces over Pakistan in 1971, which led to the creation of Bangladesh as an independent nation. 📜 Historical Background ⚔️ The 1971 War & Victory 🌏 Birth of Bangladesh 🎖️ Significance of Vijay Diwas 🇮🇳

Vijay Diwas (India) Read More »

कोणार्क मंदिर का अधूरा रहस्य

1️⃣ मंदिर क्यों अधूरा रह गया? ऐसा माना जाता है कि मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका था, लेकिन ऊपर का कलश (मुख्य शिखर पत्थर) नहीं लगाया जा सका। 2️⃣ धर्मपद का बलिदान 🧒 लोककथाओं के अनुसार, 12 वर्षीय बालक धर्मपद, जो मुख्य शिल्पकार का पुत्र था, ने मंदिर को गिरने से बचाने के

कोणार्क मंदिर का अधूरा रहस्य Read More »